खामोश पन्ने Chapter 22 – Creator | Original Hindi Mystery Novel
जिसे अन्वी अब तक अपने अतीत का निर्माता समझ रही थी... शायद कहानी उससे कहीं बड़ी है।
खामोश पन्ने Chapter 22 – Creator में Project Zero का एक ऐसा रहस्य सामने आता है जो अन्वी की पूरी पहचान को बदल देता है।
अर्जुन ने उसे क्यों तैयार किया था?
A-14 के भीतर कौन-सी यादें छिपी हैं?
और सबसे बड़ा सवाल—
क्या A-13 खुद Project Zero की Creator है?
📖 पढ़िए — खामोश पन्ने Chapter 22 : Creator
📖 KHAMOSH PANNE
Chapter 22 – Creator ❤️
"जिसे हम अपना रक्षक समझते हैं... कभी-कभी वही उस कहानी का पहला लेखक होता है।"
प्रयोगशाला में...
किसी की आवाज़ नहीं थी।
सिर्फ़ मशीनों की धीमी गूँज।
अन्वी...
अर्जुन को देख रही थी।
उसके सामने खड़ा वही आदमी...
जिसे कुछ मिनट पहले तक वह अपने अतीत का जवाब समझ रही थी।
अब...
वही उसके सबसे बड़े सवाल का हिस्सा बन चुका था।
स्क्रीन पर अब भी चमक रहा था—
PROJECT ZERO — CREATOR
STATUS: ACTIVE
अन्वी ने काँपती आवाज़ में पूछा—
"आपने..."
"Project Zero बनाया था?"
अर्जुन ने उसकी आँखों में देखा।
"हाँ।"
अन्वी ने एक कदम पीछे लिया।
"तो फिर..."
"आपने मुझे क्यों बचाया?"
अर्जुन कुछ पल चुप रहा।
फिर बोला—
"क्योंकि एक समय के बाद..."
"मुझे समझ आ गया था कि मैंने क्या बनाया है।"
डॉ. राघव ने कड़वी आवाज़ में कहा—
"बहुत देर से समझे थे।"
अर्जुन ने उनकी तरफ़ देखा।
"लेकिन समझा तो था।"
आर्यन अचानक बीच में आ गए।
"अन्वी..."
"तुम्हें इसकी एक बात पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए।"
अर्जुन हल्का-सा मुस्कुराया।
"और तुम्हें..."
"सच बोलने का हक़ कब से मिलने लगा?"
आर्यन का चेहरा सख़्त हो गया।
"मैंने उसे बचाया।"
"नहीं..."
अर्जुन की आवाज़ धीमी थी।
"तुमने उसे छुपाया।"
अन्वी ने दोनों की तरफ़ देखा।
"बस!"
उसकी आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गई।
"अब कोई मेरे लिए फैसला नहीं करेगा।"
"न आप..."
"न पापा..."
"न कोई और।"
अर्जुन ने पहली बार...
हल्की-सी संतुष्टि के साथ उसे देखा।
"यही तो..."
"मैं देखना चाहता था।"
अन्वी चौंकी।
"क्या?"
अर्जुन ने कहा—
"क्या तुम खुद फैसला ले सकती हो..."
"...या तुम्हारी यादें तुम्हारे फैसले लेंगी।"
आर्या अचानक बेचैन हो उठी।
उसने अपना सिर पकड़ लिया।
"अन्वी..."
"कुछ गड़बड़ हो रही है।"
उसके सामने लगी स्क्रीन पर...
अचानक कई तस्वीरें दिखाई देने लगीं।
एक बच्ची।
एक अस्पताल।
एक प्रयोगशाला।
मीरा।
आर्यन।
अर्जुन।
और...
एक बहुत बड़ा काँच का कमरा।
आर्या की आँखें फैल गईं।
"ये..."
"मैंने ये जगह देखी है।"
डॉ. राघव तुरंत स्क्रीन के पास पहुँचे।
"Memory Merge..."
"ये अपने-आप शुरू नहीं हो सकता।"
अर्जुन ने कहा—
"मैंने शुरू नहीं किया।"
सबकी नज़रें...
एक साथ आर्या पर टिक गईं।
आर्या घबरा गई।
"मैंने कुछ नहीं किया!"
अन्वी उसके पास गई।
"डरो मत।"
आर्या ने उसका हाथ पकड़ लिया।
अचानक...
दोनों के लॉकेट चमक उठे।
बीप...
बीप...
बीप...
स्क्रीन पर एक नया संदेश आया—
MEMORY PAIR DETECTED
A-13 + A-14
डॉ. राघव की आँखें फैल गईं।
"नहीं..."
"ये तो संभव ही नहीं है।"
अन्वी ने पूछा—
"क्या?"
राघव ने धीरे से कहा—
"Project Zero का सबसे बड़ा प्रयोग..."
"हमने कभी पूरा नहीं किया था।"
"कौन-सा प्रयोग?"
राघव ने स्क्रीन की तरफ़ देखा।
"दो अलग-अलग Subjects की यादों को..."
"...एक ही चेतना में जोड़ना।"
अन्वी ने आर्या का हाथ छोड़ दिया।
"तो..."
"हम दोनों के साथ क्या होगा?"
अर्जुन ने जवाब दिया—
"यही तय करेगा कि Project Zero सफल हुआ..."
"या हमेशा के लिए खत्म।"
अचानक...
पूरी प्रयोगशाला की दीवारें काँपने लगीं।
ऊपर से धूल गिरने लगी।
विक्रम ने चिल्लाकर कहा—
"कोई बाहर से सिस्टम में घुस रहा है!"
स्क्रीन पर एक नया लोगो आया।
वही...
गोल घेरा।
बीच में आँख।
THE ORDER
कबीर मल्होत्रा का चेहरा स्क्रीन पर दिखाई दिया।
लेकिन इस बार...
वह अकेला नहीं था।
उसके पीछे...
कई लोग खड़े थे।
कबीर ने कहा—
"Creator..."
"आपने हमें बहुत लंबे समय तक इंतज़ार कराया।"
अर्जुन की आँखों में गुस्सा आ गया।
"तुम्हें यहाँ आने की अनुमति किसने दी?"
कबीर मुस्कुराया।
"आपने ही..."
"जब आपने Project Zero बनाया था।"
फिर उसने एक फ़ाइल स्क्रीन पर भेजी।
फ़ाइल के ऊपर लिखा था—
PROJECT ZERO — ORIGINAL AGREEMENT
अन्वी ने फ़ाइल पढ़नी शुरू की।
पहले पन्ने पर...
अर्जुन के हस्ताक्षर थे।
दूसरे पर...
राघव के।
तीसरे पर...
एक नाम देखकर अन्वी का चेहरा सफ़ेद पड़ गया।
मीरा।
"माँ...?"
अर्जुन ने आँखें बंद कर लीं।
अन्वी ने पूछा—
"माँ ने भी इस प्रोजेक्ट पर साइन किया था?"
अर्जुन ने धीमे से कहा—
"हाँ।"
अन्वी की आँखों में आँसू आ गए।
"तो माँ भी..."
"इस सबका हिस्सा थीं?"
अर्जुन ने तुरंत कहा—
"नहीं।"
"उसने साइन किया था..."
"तुम्हें बचाने के लिए।"
"लेकिन..."
"उसने आख़िरी पन्ने पर एक शर्त लिखी थी।"
अन्वी ने पूछा—
"क्या?"
अर्जुन ने स्क्रीन की तरफ़ देखा।
आख़िरी पन्ना अपने-आप खुल गया।
उस पर मीरा की लिखावट थी—
"अगर मेरी बेटी कभी अपनी असली यादों तक पहुँच जाए..."
"...तो Project Zero हमेशा के लिए बंद कर देना।"
कुछ पल...
कोई नहीं बोला।
फिर...
स्क्रीन पर एक लाल चेतावनी दिखाई दी—
ZERO PROTOCOL ACTIVATED
राघव घबरा गए।
"किसने इसे activate किया?"
कबीर मुस्कुराया।
"हमने नहीं।"
अन्वी ने पूछा—
"तो किसने?"
कबीर ने कैमरे की तरफ़ देखा।
फिर...
उसकी नज़र जैसे सीधे अन्वी से मिली।
"तुमने।"
अन्वी पीछे हट गई।
"मैंने?"
अर्जुन ने तुरंत उसकी तरफ़ देखा।
"नहीं..."
"ये संभव नहीं।"
तभी...
अन्वी के सिर में तेज़ दर्द उठा।
उसके सामने...
एक पुरानी याद खुलने लगी।
वह बहुत छोटी थी।
एक कमरे में बैठी थी।
सामने...
अर्जुन।
उसके हाथ में वही लॉकेट था।
छोटी अन्वी ने पूछा था—
"क्या मैं बड़ी होकर आपको भूल जाऊँगी?"
अर्जुन ने जवाब दिया था—
"अगर सब कुछ ठीक रहा..."
"तो हाँ।"
छोटी अन्वी मुस्कुराई।
"और अगर ठीक नहीं रहा?"
अर्जुन ने उसकी आँखों में देखकर कहा था—
"तो तुम्हें खुद मुझे ढूँढना होगा।"
अन्वी ने अचानक आँखें खोल दीं।
"मुझे..."
"सब याद आ रहा है।"
आर्यन ने घबराकर पूछा—
"क्या?"
अन्वी ने धीरे-धीरे अर्जुन की तरफ़ देखा।
"आपने मुझे नहीं बचाया था..."
"आपने मुझे तैयार किया था।"
अर्जुन की आँखों में आँसू आ गए।
"हाँ।"
अन्वी ने पूछा—
"किसके लिए?"
अर्जुन ने जवाब नहीं दिया।
तभी...
आर्या ने बहुत धीमी आवाज़ में कहा—
"उस दिन के लिए..."
"...जिस दिन Creator खुद अपनी बनाई हुई चीज़ से डरने लगेगा।"
अर्जुन ने उसकी तरफ़ देखा।
उसका चेहरा बदल गया।
"तुम्हें ये याद कैसे है?"
आर्या मुस्कुराई।
"क्योंकि..."
"मैं सिर्फ़ A-14 नहीं हूँ।"
अचानक...
सभी स्क्रीन काली हो गईं।
फिर एक आख़िरी संदेश उभरा—
CREATOR IDENTIFIED
SECOND CREATOR: A-13
अन्वी ने स्क्रीन को देखा।
उसकी आँखों में डर नहीं था।
सिर्फ़...
एक नया सवाल था।
"अगर मैं भी Creator हूँ..."
उसने धीरे से पूछा—
"तो Project Zero बनाया किसने था?"
अँधेरे में...
एक आवाज़ आई।
बहुत शांत।
बहुत करीब।
"तुम दोनों ने।"
अन्वी ने पलटकर देखा।
लेकिन...
वहाँ कोई नहीं था।
सिर्फ़...
फ़र्श पर पड़ी एक पुरानी डायरी।
उसके कवर पर लिखा था—
खामोश पन्ने
अन्वी ने डायरी उठाई।
पहला पन्ना खोला।
और वहाँ...
एक आख़िरी पंक्ति लिखी थी—
"Chapter 22 के बाद..."
"...तुम्हें कहानी नहीं..."
"...अपनी असली यादें पढ़नी होंगी।"
अन्वी ने धीरे से डायरी बंद कर दी।
और पहली बार...
उसे लगा—
शायद खामोश पन्ने कभी कहानी थे ही नहीं।
शायद वे उसकी अपनी ज़िंदगी की यादें थीं।
Chapter 22 Ends... ❤️
To Be Continued...
🔥 Next Chapter: Chapter 23 – दो Creator.
आपने अभी खामोश पन्ने Chapter 22 – Creator पढ़ा।
लेकिन अब कहानी का सबसे बड़ा सवाल सामने है—
अगर अन्वी भी Creator है... तो Project Zero की शुरुआत आखिर किसने की थी?
और...
क्या A-13 और A-14 मिलकर उस प्रोजेक्ट को खत्म कर सकती हैं?
💬 Comment में अपनी Theory ज़रूर बताइए।
📖 अगला अध्याय हर शाम 7:00 PM (IST) पर Blogger पर प्रकाशित होगा।
— Written by DilSe Diaries by Pooja.K
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